शिक्षक नियोजन फर्जीवाड़े पर पर्दा डालने का प्रयास शुरू: पूर्व विधायक

फर्जी शिक्षकों के बर्खास्त नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

मुजफ्फरपुर। मीनापुर पंचायत समिति की शनिवार को हुई बैठक को निरस्त करने के लिए प्रमुख द्वारा बीडीओ को पत्र लिखने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। जारी गतिरोध के बीच भाकपा ने आंदोलन करने की चेतावनी देकर पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है।
भाकपा के वरिष्ट नेता पूर्व विधायक जनकधारी प्रसाद कुशवाहा ने पंचायत समिति की बैठक को निरस्त कर नए सिरे से बैठक करने के लिए प्रमुख के द्वारा बीडीओ को पत्र लिखे जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने बताया कि मीनापुर में शिक्षक नियोजन फर्जीवाड़े पर पर्दा डालने के लिए बैठक को निरस्त करने की साजिश रची जा रही है। यदि, बैठक में लिए गये निर्णय को अमली जामा नहीं पहानाया गया तो भाकपा शीघ्र ही इसको लेकर आंदोलन करेगी।
विदित हो कि मीनापुर में शनिवार को पंचायत समिति की बैठक में फर्जी नियोजित 98 प्रखंड शिक्षकों को बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया था। इसी के बाद से प्रमुख खेमा बैठक को निरस्त करने की मांग पर अड़ा हुआ है। पूर्व में फर्जी नियोजन के आरोप में मीनापुर के 144 शिक्षकों पर पहले से एफआईआर दर्ज है। इसमें 98 प्रखंड शिक्षक व 46 पंचायत शिक्षक शामिल हैं। फर्जीवाड़े में चिह्नित पंचायत शिक्षक को बर्खाश्त करने के लिए पहले ही पत्र जारी हो चुका है। जबकि, फर्जी नियोजन के आरोप में चिन्हित 98 प्रखंड शिक्षक को प्रखंड शिक्षक नियोजन इकाई के द्वारा बर्खाश्त करने का प्रस्ताव पारित होने के बाद से से ही मीनापुर में घमासान शुरू हो गया है।