पहली महिला कमांडेंट बन बिहार की एक और बेटी ने रचा इतिहास

पूजा श्रीवास्तव

बिहार। बिहार की बेटियों ने एक और इतिहास रच दिया। दरअसल, बिहार के केवस निजामत गांव की रहने वाली प्रकृति राय को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस में पहली महिला कॉम्बैट लड़ाकू अधिकारी होने का गौरव प्राप्त होने जा रहा है।

पहली महिला असिस्टेंट कमांडेंट बनने जा रही 25 साल की प्रकृति को भारत-चीन सीमा से सटे नाथुला दर्रा जैसे दुर्गम स्थानों पर देश की सीमाओं की रक्षा करने का मौका मिलेगा। बहरहाल, पिथौरागढ़ और उत्तराखंड में प्रकृति की कठिन ट्रेनिंग अब अंतिम चरण में है, जिसके बाद प्रकृति की सीमा पर तैनाती होनी तय मानी जा रही है।

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प्रकृति ने पहले ही प्रयास में यह सफलता हासिल की है। बतातें चलें कि सरकार ने पहली बार आइटीबीपी में महिलाओं को कॉम्बैट ऑफिसर बनाने का निर्णय लिया तो प्रकृति के सपनों को पंख लग गए। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल ऑफिसर भर्ती परीक्षा का फार्म भर दिया। पहली पसंद के रूप में आइटीबीपी का विकल्प चुना और पहले ही प्रयास में सफलता के झंडे गाड़ दिए। अगले साल फरवरी में ट्रेनिंग की समाप्ति के बाद उनकी आइटीबीपी में तैनाती हो जाएगी।

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