हाईस्कूल के लिए दान दी गई जमीन पर अवैध कब्जा

भूस्वामी के परिजनों ने विद्यालय बनाने के लिए खोला मोर्चा/ स्कूल के लिए 58 वर्ष पहले दान में दिया था 1.57 एकड़ जमीन

मीनापुर प्रखंड के दाउदछपरा गांव में हाईस्कूल बनाने के लिए 58 वर्ष पहले दान दी गई जमीन पर अवैध कब्जे का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। भूदाता के पौत्र व अधिवक्ता नीरज कुमार ने शनिवार को डीएम को ज्ञापन सौंप कर जमीन अतिक्रमण मुक्त कराने व वहां हाईस्कूल बनाने की मांग की है। नीरज इससे पहले मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पहुंचकर भी गुहार लगा चुके हैं।

बतातें चलें कि सहजपुर गांव के रामऔतार प्रसाद सिंह ने वर्ष 1960 में दाउदछपरा स्थित अपनी पुस्तैनी जमीन में से 1.57 एकड़ जमीन हाईस्कूल के लिए राज्यपाल के नाम से दान दी हुई है। किंतु, आज तक उक्त जमीन पर हाईस्कूल का निर्माण नहीं हो सका। अलबत्ता, इस 58 वर्षों में कई लोगों ने उक्त जमीन पर अतिक्रमण कर लिया है। इससे भूदाता के परिजनों में आक्रोश है।
यहां यह बताना जरूरी है कि वर्तमान में हाईस्कूल बनाने के लिए सरकार की ओर से 88 डिसमिल जमीन की उपलब्धता को अनिवार्य किया हुआ है। ऐसे में 1.57 डिसमिल जमीन, यानी 69 डिसमिल अधिक जमीन मौजूद रहने के बाद भी दाउदछपरा गांव में हाईस्कूल नहीं बनाने से लोग प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ गोलबंद होने लगे है। नीरज बतातें हैं कि यदि अधिकारी उनकी फरियाद को गंभीरता से नहीं लिया तो वे शीघ्र ही अपने दादा के नाम पर रामशरण हाईस्कूल बनाने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू करेंगे।

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