गोरीगामा में कैंसर विशेषज्ञों की टीम भेजने को प्रभारी ने लिखा पत्र

प्रारंभिक जांच में आर्सेनिक की मात्रा अधिक होने की आशंका

कौशलेन्द्र झा
मीनापुर। कैंसर का कहर झेल रहे गोरीगामा व टेंगराहां गांव में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। मीनापुर अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सीएम मिश्रा, स्वास्थ्य प्रबंधक दिलिप कुमार व केयर प्रबंधक अमलेश कुमार की संयुक्त टीम ने गांव के कैंसर पीड़ितों की सुध ली। प्रारंभिक जांच में आर्सेनिक की मात्रा अधिक होने की आशंका जतायी गई है।
प्रभावित गांव पहुंची टीम ने कैंसर फैलने के कारणों की जानकारी जुटाई। मरीजों से बातचीत व इलाज के बारे में पूछताछ की। टीम का नेतृत्व कर रहें डॉ. सीएम मिश्रा ने बताया कि पेयजल में मौजूद आर्सेनिक के मात्रा की जांच के लिए पीएचईडी विभाग को पत्र लिखा गया है। प्रारंभिक जांच में पानी में आर्सेनिक की मात्रा अधिक होने की बात सामने आयी है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में हुई जांच में भी आर्सेनिक अधिक होने की बात सामने आयी है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट तैयार कर स्वास्थ्य विभाग व जिला के वरीय अधिकारियों को भेजा जाएगा। प्रभारी ने पत्र लिखकर कैंसर विशेषज्ञों की टीम को विशेष जांच के लिए गांव में भेजने की आवश्यकता जताई गई है। डॉक्टरों ने बताया कि आर्सेनिक की मात्रा अधिक होने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
गोरीगामा में हर माह बिक रहा लाखों रुपये का पानी
कैंसर के प्रकोप से बचने के लिए गोरीगामा व टेंगराहां के लोग आरओ का पानी खरीद कर पीने को मजबूर हैं। हालांकि गांव के सभी लोग पानी खरीदने में सक्षम नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में हर माह डेढ़ लाख रुपये से अधिक का पानी बिक रहा है।
गोरीगामा के उपमुखिया उमाशंकर सिंह, शिक्षक विवेक कुमार व आंशुमन सहित कई लोगों ने बताया कि पूर्व में जांच में आर्सेनिक की मात्रा अधिक होने की बात सामने आयी थी। इसके बाद भय से गांव के करीब 150 परिवार पानी खरीद कर पीते है। मीनापुर अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सीएम मिश्रा ने भी गांव में कैंसर फैलने में पानी में आर्सिनिक की मात्रा अधिक होने की आशंका जाहिर की है। जानकारी हो कि पिछले एक दशक में गोरीगामा व टेंगराहां गांव के 31 लोगों की कैंसर से मौत हो चुकी है। इससे गांव में दहशत का माहौल है। गांववालों ने सभी अधिकारी व राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिख कर गांव में कैंसर फैलने के कारणों की जांच कराने व इसकी स्थायी निदान कराने की गुहार लगाई है।