इंडो पाक वॉर्डर पर मंडराया युद्ध का खतरा

जम्मू कश्मीर। आरएसपुरा, सांबा, अरनिया, रामगढ़, परगवाल और कनाचक सेक्टर में इंडो पाक वॉर्डर से सटे करीब पांच किलो मीटर के पूरे इलाका में 15 मई के बाद से रुक रुक कर गोलिया बरस रही है। मोटर्रार से गोले दागे जा रहे है। रॉकेट से तारगेट को निशाना बनाया जा रहा है। पाक रेंजर के हैवी सेलिंग की चपेट में आने के बाद आरएसपुरा और अरनिया शहर को खाली करा लिया गया है और बाकी जगहो से भी लोगो को सुरक्षित स्थानो पर पहुंचाया जा रहा है। सैकड़ो घर तबाह हो चुका है। खेत, खलिहान और फसल को जबरदस्त नुकसान हुआ है। गोली लगने से दर्जनो मवेशियों की मौत हो चुकी है। दो जवान समेत एक दर्जन लोगो को भी अपनी जाने गवांनी पड़ी है। घायालो की संख्या सैकड़ो में है। ऐसे में देश के लोग अब यह जानना चाहतें हैं कि क्या यहीं है मुंहतोड़ जवाब?

हमें बताया जा रहा है कि पिछले एक सप्ताह से पाक रेंजर संघर्षविराम का उल्लंघन कर रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि हमारे जवान मुंहतोड़ जवाब दे रहें हैं। दूसरी ओर वॉर्डर से पांच किलोमीटर दूर गिर रहे मोटर्रार के गोले और दोनो ओर के पोस्ट से निकल रही धुआं, कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है। सवाल यह भी क्या पाक रेंजर इतना हैवी सैलिंग कर सकता है? सवाल यह भी कि कही रेंजर की आर लेकर पाक फौज ने तो मोर्चा सम्भाल नही रखा है? हालांकि, हमारे बीएसएफ जवानो के द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी रेंजर्स की लगभग दो दर्जन चौकियां भी नष्ट हुई है। बेशक, तवाही का आलम वॉर्डर के उस पार भी है। उधर, भी रिहायसी इलाको को खाली कराया जा रहा है।
लिहाजा, यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या भारत पाक वॉर्डर पर युद्ध शुरू हो चुका है? सवाल यह भी कि क्या रिहायसी इलाको को पूरी तरीके से खाली कराने के बाद जंग शुरू हो जायेगा? मीडिया रिपोर्ट की माने तो पिछले एक सप्ताह के कथित संघर्षविराम उल्लंघन के दौरान भारत का नुकसान अधिक हुआ है। यदि ये सच है तो मुंहतोड़ जवाब सवालो के घेरे में आ जायेगा। केन्द्रीय गृहमंत्री का यह कहना कि जवानो को खुली छूट दे दी गई है, यह भी सवालो के घेरे में आ जायेगा और सबसे बढ़ कर माननीय पीएम श्रीमान मोदीजी के फौलादी सीने की साख पर भी सवाल उठने शुरू हो जायेंगे।

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