गेंदबाजो के प्रयास पर बल्लेबाजो ने फेरा पानी, दिल्ली हारा

संतोष कुमार गुप्ता

​गेंदबाजो के शानदार प्रयास के वावजूद दिल्ली की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू से हार गयी। अच्छी पिच पर सामने वाली टीम को 157 पर रोक देने का मतलब आधी जंग जीत लेने जैसा था। दिल्ली डेयरडेविल्स ने वो किया। पहले चार ओवर में 30 के करीब पहुंच जाना जीत की ओर बड़ा कदम था। ये भी दिल्ली डेयरडेविल्स ने किया। किसी भी मैच को जीतने के लिए जरूरी होता है कि कोई एक बल्लेबाज बड़ा स्कोर बनाए और टिककर खेले। वो भी दिल्ली ने किया। पिता का अंतिम संस्कार करके लौटे 20 साल के ऋषभ पंत ने अर्ध शतक जमाया। लेकिन ये भी जरूरी होता है कि दूसरे छोर से भी कोई रन न बनाए। वो दिल्ली डेयरडेविल्स ने नहीं किया। रॉयल चैलेंजर्स को एक के बाद एक विकेट मिलते रहे। आखिर में 20 ओवर खत्म हुए तो दिल्ली टीम लक्ष्य से 15 रन पीछे रह गई थी। इसमें भी दिल्ली ने नौ विकेट खो दिए थे।

रॉयल चैलेंजर्स बैगलोर अपने घर में पहला और आईपीएल 10 का दूसरा मैच खेल रही थी। हार से शुरुआत करने के बाद उसे उम्मीद थी कि एबी डिविलियर्स और विराट कोहली की गैर मौजूदगी के बावजूद टीम जीत जाएगी। मैच के ज्यादातर हिस्से में ऐसा होता नहीं दिख रहा था। लेकिन कप्तान शेन वॉटसन की कप्तानी में आरसीबी के गेंदबाजों ने अपना काम सही तरीके से किया। दिल्ली के बल्लेबाजों ने लापरवाही में विकेट खोकर उनका काम आसान किया।
इससे पहले दिल्ली टीम ने कसी गेंदबाजी की। टॉस जीतकर बैटिंग करने उतरी चैलेंजर्स टीम अपने घरेलू मैदान चिन्नास्वामी स्टेडियम में आठ विकेट पर 157 रन ही बना सकी। चैलेंजर्स के लिए इस स्कोर में केदार जाधव (69) का योगदान अहम रहा। उन्होंने कठिन समय पर तूफानी पारी खेली और 37 गेंदों का सामना करते हुए पांच छक्कों के साथ इतने ही चौके लगाए।

बैंगलोर की सलामी जोड़ी क्रिस गेल (6) और कप्तान शेन वॉटसन (24) को दिल्ली के गेंदबाजों ने हाथ खोलने का भी मौका नहीं दिया। मंदीप सिंह (12) कुछ खास नहीं कर सके और पैट कमिंस की गेंद पर बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए। एक छोर पर खड़े कप्तान की पारी का अंत शाहबाज नदीम ने किया। चैलेंजर्स ने अपने तीन विकेट 55 रनों पर ही गंवा दिए थे।

इसके बाद जाधव ने टीम को संभालने का बीड़ा उठाया और बिना दबाव के बड़े शॉट खेलते रहे। उन्होंने 14वें ओवर की चौथी गेंद पर अपना अर्धशतक पूरा किया जिसके लिए उन्होंने महज 26 गेंदों का सामना किया।

दिल्ली के लिए मौरिस सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने अपने कोटे के चार ओवरों में सिर्फ 21 रन दिए और तीन विकेट लिए। नदीम ने चार ओवरों में 13 रन देकर एक विकेट लिया. जहीर को दो विकेट मिले।