यौन दासता की एक और शर्मनाक खुलाशा

कुंवारी लड़कियों की डिलीवरी और नवजात को बेचने का हुआ पर्दाफाश

पूजा श्रीवास्तव
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के कोल्हापुर में मानवता को शर्मशार कर देने वाला एक रैकेट का खुलाशा हुआ है। रैकेट चलाने वाले कुंवारी लड़कियों को अपने जाल में फांस कर पहले उसका यौन करता और फिर अवैध तरीके से डिलीवरी कराके नवजात को जरुतमंदो के हाथो मोटी रकम में बेच देता था।

पुलिस ने एक ऐसे ही दंपत्ति को गिरफ्तार किया है जो कुंवारी और नाबालिग लड़कियों की डिलीवरी कराके गैरकानूनी तरीके से उनके नवजात बच्चे को बेचने का रैकेट चलाता था। खुलाशे के मुताबिक डिलीवरी के बाद नवजात बच्चों को यह आठ लाख से दस लाख रुपये में बेच देता था। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित धंधे में शामिल कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। कोल्हापुर के इचलकरंजी के जवाहर नगर इलाके में जनरल सर्जिकल मेटर्निटी नामक अस्पताल के आरोपी डॉक्टर पिछले करीब 25 सालों से यह रैकेट चला रहा था और किसी को इसकी कानो कान भनक तक नही चला।
बतातें चलें कि यह शातिर पहले तो कुवांरी और नाबालिग लड़कियों का ब्रेन वॉश करता था और जब लड़कियां पूरी तरीके से इनके संपर्क में आ जातीं तो ये उनकी गैरकानूनी तरीके से डिलीवरी कराके उनके बच्चे को बेच देता था। आरोपी ने इसके लिए एक रैकेट चला रखा था, जिसके ज़रिए लड़का पैदा होने पर 10 लाख रुपये में बच्चे को बेच देता था जबकि लड़की होने पर बच्ची की कीमत 8 लाख रुपये रखी गई थी। केवल कोल्हापुर ही नहीं बल्कि आरोपी डॉक्टर ने महाराष्ट्र के कई इलाकों में अपने एजेंटों को तैनात कर रखा था जो नाबालिग लड़कियों को अपना शिकार बनाते थे और गैरकानूनी तरीके से डिलीवरी करके अलग अलग राज्यों में बच्चों को बेच देते थे।
रैकेट का मुख्य सरगना अरुण बी. पाटील है। वह मुख्य रूप से एक होमियोपैथिक डॉक्टर है और अब पुलिस की गिरफ्त में है। हालांकि इस गैरकानूनी काम में वो अकेला नहीं था बल्कि उसने कई गायनोकोलॉजिस्ट की एक टीम बना रखी थी। यही डॉक्टर अस्पताल में गैरकानूनी तरीके से डिलीवरी कराते थे। पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के साथ उसकी पत्नी और अस्पताल में काम करने वाले दो लोगों को भी गिरफ्तार किया है।

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