मीनापुर के दोहरे हत्याकांड का हुआ खुलाशा

राजनीतिक दल से जुड़ा है हत्यारे का तार

मुजफ्फरपुर। बिहार के मु़जफ्फरपुर जिला अन्तर्गत मीनापुर थाना के हजरतपुर गांव में पिछले दिनो प्रॉपर्टी डीलर बिजली सहनी और हरिश्चन्द्र सहनी के हत्या की गुथ्थी सुलझ गयी है।

एसएसपी ने स्वयं किया खुलाशा
एसएसपी हरप्रीत कौर ने बताया कि दो प्रॉपर्टी डीलरों के बीच जमीन की सौदेबाजी व वर्चस्व को लेकर दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया। जांच के बाद हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता बिरेंद्र सहनी व उसका साला नंदलाल सहनी निकला। इनके इशारे पर रत्न सहनी, अविनाश सहनी, रजनीश सहनी, राजा सहनी और मीनापुर के संजय सहनी व लालबाबू सहनी ने मिलकर बिजली सहनी की हत्या की। साक्ष्य छुपाने व बिजली सहनी की हत्या के विरोध करने पर हरिश्चंद्र सहनी की भी हत्या कर दी। बताया कि बिजली व हरिश्चंद्र की गला दबाकर हत्या की गई।
हत्या का आरोपी जिलाध्यक्ष निकला
बतातें चलें कि मृतक प्रॉपर्टी डीलर बिजली सहनी और हरिश्चन्द्र सहनी अहियापुर थाना के दादर गांव का रहने वाला था। पुलिस ने दादर से बिरेंद्र सहनी और उनके पुत्र अविनाश सहनी व एक अन्य राजा सहनी को गिरफ्तार करके जब उनसे कड़ाई से पूछताछ की तो मामले का खुलाशा हो गया। स्मरण रहें कि बिरेंद्र सहनी एक पार्टी विशेष का जिलाध्यक्ष है। जांच के बाद हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता बिरेंद्र सहनी व उसका साला नंदलाल सहनी निकला।
जमीनी विवाद बना हत्या का कारण
एसएसपी ने मीडिया को बताया कि दादर इलाके में 100 डिसमिल जमीन के सौदे के संबंध में जमीन मालिक से नंदलाल सहनी बात कर रहा था। इस बीच बिजली सहनी ने बालूघाट के प्रॉपर्टी डीलर अशोक झा से सौदा करा दिया। सात लाख रुपये कट्ठा के हिसाब से सौदा हुआ था। जमीन छोड़ने के एवज में नंदलाल सहनी का बहनोई बिरेंद्र सहनी उससे सात लाख रुपये रंगदारी मांग रहा था। नहीं देने पर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी थी।
ऐसे दिया घटना को अंजाम
बिजली और हरिशचंद्र एक साथ मीनापुर गये थे। बतातें चलें कि बिरेंद्र सहनी ने मीनापुर के संजय सहनी, उमाशंकर सहनी, नंदलाल सहनी, अविनाश व राजा सहनी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। हरिशचंद्र सहनी को मोहरा बनाया। प्रॉपर्टी डीलर बिजली सहनी को मीनापुर लाने की जिम्मेवारी हरिशचंद्र सहनी को सौपी गई। इसके लिए एक मुखिया के बाइक का इस्तेमाल हुआ। दो जुलाई को हरिशचंद्र के कहने पर बिजली सहनी मीनापुर के हजरतपुर पहुंचा। यहां से पहले से उसका इंतजार कर रहे आरोपितो ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या का विरोध करने पर हरिशचंद्र सहनी को भी आरोपितो ने गला दबा कर हत्या कर दी।
मीनापुर के हजरतपुर से मिले थे दोनो के शव
स्मरण रहें कि बीते दो जुलाई को हरिशचंद्र सहनी व पांच जुलाई को बिजली सहनी का शव मीनापुर के हजरतपुर गांव स्थित एक बासवाड़ी से बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गयी थी। बिजली के पुत्र शशि कुमार ने अहियापुर थाने में बिजली, हरिशचंद्र समेत चार लोगों के लापता होने की एफआईआर कराई कराई थी। इसमें बिरेंद्र सहनी सहित अन्य को आरोपित भी किया गया था।

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