मीनापुर में डायन के आरोप में वृद्धा को चाकू गोद मार डाला

ग्रामीणों ने आरोपित को पोल से बांधा, सुबह हुआ फरार, प्रारंभिक जांच के बाद छापेमारी में जुटी पुलिस

 

मीनापुर थाना क्षेत्र के भटौलिया गांव में डायन के आरोप में एक वृद्धा की चाकू गोद कर हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद आरोपित गांव में घूम-घूमकर घटना को अंजाम देने की बात कह रहा था। इसके बाद ग्रामीणों ने आरोपित को बिजली के खंभे से बांध दिया, लेकिन सुबह पुलिस के पहुंचने से पहले वह फरार हो गया। मृतका गांव की ही रामलखन देवी (75) है। मृतका के भतीजे चंदन ने एफआईआर दर्ज करायी है। उसने इस हत्याकांड में गांव के तारकेश्वर राणा उर्फ बच्चू राणा को आरोपित किया है।
थानाध्यक्ष सोना प्रसाद सिंह ने बताया कि सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्रारंभिक छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया। मृतका के भतीजे ने पुलिस को बताया कि उसकी चाची रामलखन देवी अपने पोता सुशांत कुमार(10) के साथ घर में अकेली सो रही थी। देर रात आरोपित तारकेश्वर राणा नशे की हालत में घर में घुस आया और वृद्धा की गला दबाकर हत्या करना चाहा। इसके बाद आरोपित ने उसके सिर पर ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला कर दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद तारकेश्वर को ग्रामीणों ने पकड़कर बिजली के पोल से बांध दिया, लेकिन वह सुबह में पुलिस के पहुंचने से पहले ही भाग निकला। थानाध्यक्ष ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर आरोपित की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
हत्या का यह है कारण :
ग्रामीणो ने बताया कि तारकेश्वर की मां सीया देवी लम्बे समय से बीमार थी और इलाज के दौरान शनिवार को बंगलोर में उसकी मौत हो गई। तारकेश्वर को अपने मां की बीमारी के पीछे रामलखन देवी के डायन होने का पहले से शक था और उसकी मौत के बाद उसका शक यकीन में बदल गया। इससे पहले गांव के नागेन्दर राणा की इसी वर्ष 31 जुलाई को मौत हो गया था। तारकेश्वर इस मौत के बाद भी रामलखन देवी पर ही डायन होने का आरोप लगाता रहा है। ग्रामीण विद्या कुमार राणा बतातें हैं कि तारकेश्वर हमेशा शराब के नशे में रहता था और गांव में होने वाली हर मौत के लिए रामलखन देवी पर डायन होने का पहले से आरोप भी लगाते रहता था। ग्रामीणो की माने तो घटना को अंजाम देने के बाद भी तारकेश्वर ने बृद्धा की हत्या करने के बाद खुद ही गांववालों को बताया कि उसने डायन की हत्या कर दी है। अब जिसको जो सजा देना हो, सब कबूल है।