दहेज मुक्त परिणय सूत्र में बंधे 51 जोड़ा

गया। दहेज एक समाजिक कुरीति है और अब इसके बिरुद्ध युवाओं में रूझान बढ़ने लगा है। गया शहर के नूतन नगर में एक समाजिक संस्था ने दहेज की विदाई समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर 51 नवविवाहित जोड़ों ने बिना दहेज के परिणय सूत्र में बंध कर दहेज को विदाई दी है।
कन्या विवाह एंड विकास सोसाइटी के सचिव विकास कुमार ने कहा कि संस्था की 7वीं वर्षगांठ के मौके पर 51 नवविवाहित जोड़ों के बीच शादी के बाद विदाई सामग्री बांटी गई। दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई से लोगों को जागरूक करने के मकसद से इस तरह का आयोजन किया गया।
बताया गया कि संस्था के द्वारा प्रतिवर्ष कई जोड़ों की शादी संस्था के खर्चे पर कराई जाती है। ये ऐसे लोग होते हैं, जो आर्थिक रुप से काफी कमजोर होते हैं, और शादी विवाह का खर्च खुद वहन नहीं कर सकते। ऐसे लोगों को संस्था के द्वारा सामूहिक विवाह कराया जाता है। इस संस्था में अब तक हजारों जोड़े परिणय सूत्र में बंध चुके हैं।

संस्था के द्वारा सिर्फ गया जिला ही नहीं बल्कि औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद, पटना यहां तक की झारखंड के भी गरीब जोड़ों की शादी कराई जाती है। साथ ही विदाई सामग्री का भी वितरण किया जाता हैं। बता दें कि इस दौरान संस्था के कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों को दहेज नहीं लेने और बाल विवाह रोकने की भी जानकारी दी जाती हैं। ताकि सामाजिक कुरीतियों को खत्म किया जा सके।