बालिका वधू बनने से इनकार

पूजा श्रीवास्तव
मुंगेर। बालिकार वधू बनने से अब लड़कियां इनकार करने लगी है। दरअसल, इसे आप लड़कियो में बढ़ रही जागरुकता और सरकार के द्वरा चलायी जा रही बाल विवाह के खिलाफ अभियान का असर भी कह सकते है।

किंतु, यह सच है कि नाबालिग लड़कियां अब खुद ही शादी का प्रतिकार करने लगी हैं। मुंगेर का बरियारपुर इलाका इसका मिशाल बन चुका है। यहां के करहड़िया पूर्वी पंचायत की मुरला महादलित बस्ती की रहने वाली और बरियारपुर में ही कस्तूरबा आवासीय विद्यालय से 8वीं की छात्रा करीना कुमारी ने अपनी शादी से इंकार कर दिया। माता-पिता के नहीं मानने पर करीना ने अपने स्कूल की वार्डेन को इसकी जानकारी दी। फिर पुलिस ने उसे स्कूल पहुंचाया। पुलिस के पहुंचते ही करीना के माता-पिता घर से फरार हो गये।
करीना की बड़ी बहन कुमकुम और करीना की शादी उसके माता-पिता ने उसी गांव में एक ही घर में कुछ दिन पूर्व तय कर दी। कुमकुम की शादी बड़े और करीना की शादी छोटे भाई से तय हुई। इस शादी की भनक परिजनों ने करीना को नहीं लगने दी। गुरुवार को कुमकुम की शादी होनी थी।
शादी में आने के लिए करीना को उसके पिता मंगलवार को घर ले आये। बड़ी बहन की शादी की तैयारी के साथ ही करीना की भी शादी की तैयारी शुरू हो गई। करीना अपनी ही शादी से अनजान रही। हल्दी की रस्म के वक्त जब करीना ने उन्हें हल्दी लगाने के समय जानकारी होने पर उसने अपने घर के मोबाइल से इसकी जानकारी स्कूल की वार्डन उर्मिला कुमारी को दी और शादी रुकवाने की गुहार लगाई।

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