तमिलनाडु में चक्रवात से मची जबरदस्त तबाही

चेन्नई। तमिलनाडु में चक्रवाती तूफान ‘ओखी’ के कारण जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। इस तूफान का असर राज्य के दक्षिणी जिलों में ज्यादा है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कन्याकुमारी में भारी बारिश और आंधी के चलते दर्जनो लोगों की मौत हो गई। यहां 70-75 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रही है।
मौसम विभाग की माने तो दक्षिण तमिलनाडु और केरल के कुछ जिलों में मूसलधार बारिश से जबरदस्त तबाही मची हुई है। इस बीच श्रीलंका में जबर्दस्त तूफान के साथ कई क्षेत्रों में भारी बारिश होने से दर्जनो लोगों की मौत हो गई और करीब बीस हजार लोग प्रभावित हुए। तूफान से वायु यातायात एवं जरूरी सेवाएं भी बाधित हुईं।
इस तूफान ने केरल और तमिलनाडु में भी तबाही मचाने लगा है। दोनों ही राज्यों में भारी बारिश हो रही है। तेज हवाओं की रफ्तार भी 100 किमी तक पहुंच चुकी है। ओखी तूफान धीरे-धीरे लक्ष्यद्वीप की ओर बढ़ने लगा है। ओखी तूफान के कारण तमिलनाडु के दक्षिणी जिलों में ज्यादा नुकसान हुआ है।

श्रीलंका में 20 हजार लोग प्रभावित

कन्याकुमारी, तूतिकोरिन और रामनाथपुरम समेत राज्य के तटीय इलाकों में मछुआरों को समंदर में नहीं जाने की सलाह दी गई है। कोयंबटूर, पुड्डुचेरी और चेन्नई में भी तेज बारिश की आशंका जताई गयी है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी इलाके में बना दबाव क्षेत्र सुबह तक बढ़ते हुए तूफान में बदल गया। अगले 12 घंटे में हवाओं की रफ्तार 80-90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। गुरुवार को रात 10 बजे कोस्ट गार्ड के जहाज आईसीजीएस समर्थ को कोच्चि में राहत कार्यों के लिए रवाना किया गया। इसके अलावा एक और जहाज सी-427 भी राहत कार्यों में लगा हुआ है। ईस्टर्न नेवल कमांड की ओर से पी8आई पेट्रोल एयरक्राफ्ट भी राहत कार्यों में शामिल किया गया है। तमिलनाडु और केरल दोनों ही जगहों पर स्कूल बंद हैं और लोगों से घरों में रहने को कहा गया है। वहीं श्रीलंका में मध्य, पश्चिमी और दक्षिणी प्रांतों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है। मध्य पर्वतीय जिलों में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गया है।