मेहुल चोकसी के दावो से भारत सरकार की उड़ी नींद

भगोड़ा हीरा कारोबारी ने ली एंटीगुआ की नागरिकता

भारत का आर्थिक भगोड़ा और हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी ने आज जो खुलाशा किया है, इससे भारत सरकार की नींद उड़ गई है। भारत के पंजाब नेशनल बैंक से दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी के मामले में भारत सरकार के द्वारा फरार घोषित मेहुल चोकसी ने आज दावा किया है कि उसने पिछले वर्ष ही कैरेबियाई देश एंटीगुआ की नागरिकता ले ली थी और अब वह एंटीगुआ के पासपोर्ट पर 130 देशों में बिना वीजा के यात्रा कर सकता है। यानी भारत सरकार के द्वारा जब्त पासपोर्ट का अब उसके उपर कोई असर नहीं होगा।
एंटीगुआ के मीडिया रिपोर्ट से हुआ खुलाशा
एंटीगुआ की स्थानीय अखबार डेली ऑबजर्वर में आयी खबरों के अनुसार मेहुल चोकसी को एंटीगुआ का नागरिकता प्राप्त है और वह एंटीगुआ के पासपोर्ट पर 130 देशों में बिना वीजा के यात्रा कर सकता है। खबर के अनुसार चोकसी ने नवंबर, 2017 में एंटीगुआ की नागरिकता ली है और 15 जनवरी, 2018 को देशभक्ति की शपथ ली है। मेहुल चोकसी के वकील डेविड डोरसेट ने बयान जारी कर कहा है कि भारत सरकार द्वारा लगाये जा रहे आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। यदि यह दावा सच निकला तो भारत सरकार के द्वारा जब्त पासपोर्ट और गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल को दी गई नोटिस का मेहुल चोकसी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस खबर के भारत पहुंचते ही भारत सरकार की नींद उड़ चुकी है।
हरकत में आई सीबीआई
मेहुल चोकसी के दावो के बाद भारत की जांच एजेंसी सीबीआई हरकत में आ गई है। सीबीआई ने एंटीगुआ से मेहुल चोकसी की जानकारी मांगी है। सीबीआई ने एंटीगुआ के अधिकारियों को पत्र लिखकर भगोड़े हीरा व्यवसायी मेहुल चोकसी के ठिकाने के बारे में जानकारी मांगी है। सीबीआई ने एंटीगुआ के अधिकारियों को भेजे पत्र में भगोड़े व्यवसायी के खिलाफ इंटरपोल की तरफ से जारी नोटिस का हवाला देते हुए मेहुल की आवाजाही और वर्तमान ठिकाने पूरा का ब्यौरा मांगा है।

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