सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र को ओड़िसा सरकार ने किया सम्मानित

मधुरेन्द्र


KKN न्यूज ब्यूरो।बिहार के पूर्वी चंपारण निवासी मधुरेन्द्र ने इंटरनेशनल सैंड आर्ट फेस्टिवल में अपने हुनर का जलवा बिखेर कर लोगो को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंतराष्ट्रीय राजगीर महोत्सव के दौरान बेहतरीन कला प्रदर्शन कर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सराहना पा चुके चंपारण के लाल विश्वविख्यात रेत कलाकार मधुरेन्द्र उड़ीसा में सार्क देशों के बीच अपनी बेहतरीन कला का नमूना प्रदर्शन करके बिहार का नाम अंतरष्ट्रीय फलक पर रौशन किया हैं। इंटरनेशनल सैंड आर्ट फेस्टिवल में पहले दिन मधुरेन्द्र ने उड़ीसा में हो रहे वर्ल्ड हॉकी खेल पर एक कलाकृति बनाई, जिसे देख उड़ीसा गवर्नर गणेशी लाल अभिभूत हो गये।


राज्यपाल ने की सराहना

सैंड आर्ट
सैंड आर्ट


कलाकृति की सराहने करते हुए श्री लाल ने कहा कि ये तो ज्वलंत विषय हैं। हॉकी टूर्नामेंट, यह अपने आप में एक संदेश हैं। उक्त अवसर पर बेहतरीन कला प्रदर्शन के लिए बिहार के इस लाल को पुष्वगुच्छ। और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावे नारी शक्तिकरण पर आधारित कलाकृतियां भी काफी आकर्षण का केंद्र रही।


सार्क देशो ने माना लोहा


गौरतलब हो कि मधुरेन्द्र भारत सरकार व ओड़िसा सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित उड़ीसा के चंद्रबग्घा बीच पर आयोजित अंतराष्ट्रीय सैंड आर्ट फेस्टिवल में भाग लेकर सार्क सदस्यों देशों भारत, श्रीलंका, यू एस ए, अमेरिका, स्पेन, इटली, कोलंबो, नीदरलैंड और जापान सहित अन्य देश के बीच अपनी कला का लोहा मनवा “एक बिहारी, सौ पर भारी” वाक्यों को सिद्ध कर दिखाया हैं। इसको लेकर बिहारवासियों में खुशी की लहर हैं।


राष्ट्रपति कर चुकें हैं सराहना


बता दे कि भारत की ओर से अन्य डेलीगेट आर्टिस्ट के अलावा बिहार से एकमात्र पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन बिजबनी से मधुरेन्द्र को निमंत्रण किया गया था। मधुरेन्द्र राज्य और राज्य के बाहर कई मेलों, महोत्सवों व सरकारी आयोजनों में सैंड आर्ट और पेंटिंग के नमूने प्रदर्शित कर चुका है। देश-विदेश में घटित घटनाओं तथा कई ज्वलंत विषयों पर तुरंत कलाकृतियां बनाकर संदेश देते रहते हैं। इसके अलावा 2012 में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने उसकी सराहना की थी। वह देश-प्रदेश के अलावे विदेशों में भी पुरस्कृत हुआ। उसे बिहार गौरव अवार्ड, बिहार रत्न तथा चंपारण रत्न भी मिल चुका हैं।