सोनपुर के विश्व प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र मेले में श्रद्धालुओं का लगा तांता

हाजीपुर। सोनपुर के हरिहरक्षेत्र मेले में तीर्थयात्रियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। गुरुवार की शाम तक हाजीपुर व सोनपुर के नदी घाटों पर 5 लाख से अधिक तीर्थ यात्री पहुंच चुके हैं। विभिन्न संप्रदायों के लगभग 10 हजार साधु-संत भी यहां पहुंच चुके हैं। संतों, तीर्थयात्रियों व श्रद्धालुओं का ट्रेनों व बसों से आना लगातार जारी है।
तीर्थयात्रियों में मिथिलांचल के ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अधिक हैं। हाजीपुर के रामाशीष चौक से पहलेजाधाम के 15 किलोमीटर मार्ग पर श्रद्धालुओं का तांता लगा है। जेपी सेतु के चालू हो जाने से मगध क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। सभी कार्तिक पूर्णिमा स्नान कर हरिहरनाथ समेत सभी प्राचीन मंदिरों जल अर्पित कर मोक्ष की कामना करेंगे। हरिहरनाथ मंदिर मुख्य आस्था केन्द्र हैं जहां चुक्कड़ से जल चढ़ाने की परंपरा है।
प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण व सुरक्षित स्नान के लिए सुरक्षा का व्यापक प्रबंध किया है। हरिहरनाथ मंदिर में तीन पालियों में दंडाधिकारी तथा सशस्त्र बल तैनात किए जा चुके हैं। मंदिर और सभी घाटों पर लाठीधारी महिला कांस्टेबलों ने भी कमान संभाल ली है। सारण के डीएम हरिहर प्रसाद और एसपी हर किशोर राय सभी व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। गंडक नदी के दोनों पुलों पर भीड़ नियंत्रण की कमान वैशाली पुलिस ने संभाल ली है। डीएम रचना पाटिल व एसपी राकेश कुमार ने हाजीपुर में गंडक नदी कोनहाराघाट, सीढ़ी घाट, क्लब घाट, पुल घाट और कदंब घाट पर सुरक्षित स्नान की व्यवस्था की है।
सोनपुर मेले में बनाया गया मेला नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्यरत रहेगा। मेला कार्यालय भी अपर समाहर्ता के कैम्प में कार्यरत हो चुका है। मेले के लिए गठित विधि-व्यवस्था कोषांग मेला नियंक्षण कक्ष में हैं। मेले मे पूरी तरह तरह विधि-व्यवस्था बनाए रखने और मेले में अनधिकृत रूप से कर वसूलने वालों के खिलाफ कड़ी कर्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गयें हैं।
विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला के साधु गाछी स्थित कबीर आश्रम महंथ रामप्रिय साहब की छावनी में कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर गंगा स्नान को लेकर बिहार के कई जिलों के आलावा वाराणसी, छत्तीसगढ़, बंगाल, नेपाल के साधु- संत महात्मा जुटने लगे हैं। सैकड़ों वर्षों से प्रत्येक वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर तीन दिवसीय संत सम्मेलन एवं भंडारा का आयोजन होते आ रहा है। इस वर्ष भी शुक्रवार को 10 बजे दिन से आश्रम में सत्संग भजन, प्रवचन प्रारंभ होगा जो 24 घंटों तक जारी रहेगा।