जीत के साथ आशीष नेहरा को विदाई देना चाहेगी टीम इंडिया

​अंतराष्ट्रीय क्रिकेट से आज सन्यास लेंगे आशीष नेहरा

क्रिकेट मैदान की जगह कामेंट्री बॉक्स मे आयेंगे नजर

 

संतोष कुमार गुप्ता

ज्यादा उम्र के वावजूद अपनी बलखाती गेंदो से विरोधी टीम मे खौंफ पैदा करने वाले आशीष नेहरा का आज आखिरी अंतराष्ट्रीय क्रिकेट होगा।नेहरा अब क्रिकेट के मैदान की जगह कामेंट्री बॉक्स मे नजर आयेंगे। वरिष्ठ तेज गेंदबाज आशीष नेहरा के आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मैच में भारत आज तीन टी-20 मैचों की सीरीज के पहले मैच में न्यूजीलैंड से यहां के फिरोज शाह कोटला मैदान पर भिड़ेगा। नेहरा ने अपने टी20 कॅरियर में भारत के लिए 34 विकेट लिए हैं। वह क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में भारत की ओर से सबसे ज्‍यादा विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज हैं। रविचंद्रन अश्विन और जसप्रीत बुमराह के नाम पर नेहरा से ज्‍यादा विकेट दर्ज हैं। मेजबान टीम नेहरा को जीत के साथ विदाई देने की कोशिश करेगी। भारत इस सीरीज में जीत हासिल करते हुए किवियों के खिलाफ टी-20 में अपने रिकार्ड को बेहतर करना चाहेगा। भारत इस सीरीज में न्यूजीलैंड के खिलाफ ही तीन मैचों की वनडे सीरीज जीत कर आ रहा है। ऐसे में मौजूदा फॉर्म को देखें तो मेजबान टीम का पलड़ा ही किवी टीम पर भारी लग रहा है। लेकिन खेल के इस प्रारूप में किवियों ने हमेशा ही भारत को शिकस्त दी है। टी-20 विश्व कप और अन्य सीरीज मिलाकर भारतीय टीम कभी भी न्यूजीलैंड से टी-20 मैच नहीं जीत पाई।
टी-20 के लिहाज से किवी टीम के पास कई अच्छे मैच विजेता खिलाड़ी हैं। कप्तान केन विलियमसन, मार्टिन गुप्टिल, टॉम लाथम, हेनरी निकोलस जैसे बल्लेबाज हैं। वहीं अनुभवी बल्लेबाज रॉस टेलर को टी-20 सीरीज के लिए टीम में वापस बुलाया गया है। वह चोटिल टोड एस्ले के स्थान पर टीम में आए हैं। टेलर के आने से निश्चित ही किवी टीम की बल्लेबाजी और मजबूत होगी। ट्रेंट बाउल्ट के रूप में उसके पास ऐसा गेंदबाज है जो भारतीय सरजमीं पर मेजबानों पर हावी रहा है। हाल ही में खत्म हुई वनडे सीरीज इसका उदहारण है।
लेग स्पिनर ईश सोढ़ी के आने से उसे और मजबूती मिली है। भारत की मेजबानी में पिछले साल खेले गए टी-20 विश्व कप में सोढी ने भारत को एकतरफा मात दी थी। फिरोज शाह कोटला की विकेट कुछ हद तक गेंदबाजों की मददगार रहती है। अगर विकेट में ज्यादा कुछ बदलाव नहीं किए तो बड़े स्कोर का मैच मुमकिन होना मुश्किल होगा। किवी टीम के कई खिलाड़ी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलते हैं। इसका फायदा भी उन्हें मिल सकता है।
भारत पूरी तरह से तैयार तो लग रहा है। नेहरा का यह आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मैच होगा। पूरी संभावना है कि इस वरिष्ठ गेंदबाज को अंतिम एकदश में जगह मिलेगी। देखना यह होगा कि नेहरा के स्थान पर किसे बाहर बैठाया जाएगा। जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार दोनों में से कोई एक गेंदबाज अंतिम एकादश से बाहर जा सकते हैं। स्पिन विभाग में कुलदीप यादव और लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल को देखा जा सकता है। वहीं बल्लेबाजी की जिम्मेदारी रोहित शर्मा, शिखर धवन, कप्तान विराट कोहली, महेंद्र सिंह धौनी, हार्दिक पांड्या दिनेश कार्तिक के कंधों पर होगी।