आउटडोर स्टेडियम बना पशुओ का चारागाह

​45 लाख के स्टेडियम मे नही लगते चौके छक्के

आठ साल बीत गये नही शुरू हुआ खेल गतिविधि

 संतोष कुमार गुप्ता

मीनापुर। रामकृष्ण उच्च विद्यालय मीनापुर के मैदान मे निर्मित आउटडोर स्टेडियम मे अब भी चौके छक्के नही लगते। फुटबॉलर गोल करने के लिए छटपटाते है तो,वॉलीवाल का खिलाड़ी नेट कहां लगाये इस बात की चिंता है। मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत एनआरइपी के कार्यपालक अभियंता ने इसका निर्माण करवाया था। वर्ष 2010-11 मे इस योजना को पूर्ण कर लेना था.06 अगस्त 2010 मे इसका शिलान्यास किया गया था। वर्ष 2012 के छठा महीना मे खेल स्टेडियम,गैलरी,बाउंड्री,दर्शक दीर्घा बनकर तैयार हो गया। किंतु निर्माण के चार  साल बाद भी यह आउटडोर स्टेडियम उद्घाटन की बाट जोह रहा है। 45 लाख की लागत से बने इस स्टेडियम की पूर्व मंत्री दिनेश प्रसाद ने आधारशिला रखी थी। उनके स्तर से भी प्रयास हुआ था कि यह समय से चालू हो। किंतु विभागिय लापरवाही के चलते इसको अमलीजामा नही पहनाया जा सका। हाइस्कूल मे आउटडोर स्टेडियम का निर्माण लीची के बगान को कटवा कर बनवाया गया था। प्रत्येक वर्ष लीची से 15 हजार रूपया हाइस्कूल को आमदनी होता था। अब यह आमदनी प्रतिवर्ष तीस हजार तक चला जाता। आउडटोर स्टेडियम मे खिलाड़ियो के रहने का रूम,अधिकारियो का रहने का रूम,कॉमन रूम व बाथरूम भी बनाया गया है। टाइल्स लगे इस रूम मे बकरी बांधा जाता है। दर्शक दीर्घा भी बनकर तैयार है। छात्र सुनील कुमार,रमेश कुमार,राघव कुमार बताते है की वह लोगो का सपना था की स्टेडियम मे ही उनका खेल हो। किंतु स्टेडियम मे जंगल उग आया है। स्टेडियम को स्थानिय लोगो ने अतिक्रमण कर उसको जलावन घर बना डाला है। विधायक मुन्ना यादव भी स्टेडियम चालू कराने को लेकर प्रयास कर चुके है।डीएम व पूर्व खेल मंत्री शिवचंद्र राम से उनकी वार्ता हो चुकी है। एचएम अरूण कुमार कर्ण बताते है कि स्टेडियम के चालू होने को लेकर उनके स्तर से प्रयास हो चुका है। बताते चले कि मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत प्रत्येक प्रखंडो मे एक-एक आउटडोर स्टेडियम बनाने का प्रावधान था। स्टेडियम का बाउंड्री ट्रेक 400 मीटर का है।