ट्रेट बोल्ट ने किया टीम इंडिया का नट बोल्ट ढीला

संकटमोचक धौनी व कप्तान कोहली का प्रयास बेकार

खराब फील्डिंग बना हार का कारण/नही चली सलामी जोड़ी,अन्य बल्लेबाज भी फेल

संतोष कुमार गुप्ता

तेज गेंदबाज व स्पिनरो से सजी टीम इंडिया शनिवार की रात औंधे मुंह गिर गयी। पहला मैच खेल रहे तेज गेंदबाज सिराज खान की जमकर पीटाई हुई। कॉलिन मुनरो (नाबाद 109) और ट्रेंट बाउल्ट (4-34) के दम पर न्यूजीलैंड ने शनिवार को सौराष्ट्र क्रिकेट संघ स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी-20 मैच में भारत को 40 रनों से हरा दिया। इसी के साथ किवी टीम ने तीन टी-20 मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली है। भारत ने दिल्ली में खेले गए पहले मैच में न्यूजीलैंड को 53 रनों से मात देते हुए 1-0 की बढ़त ले ली थी। कप्तान विराट कोहली ने 42 गेंदों में आठ चौके और एक छक्के की मदद से बनाए गए 65 रन और महेंद्र सिंह धौनी के साथ पांचवे विकेट के लिए की गई 56 रनों की साझेदारी के बलबूते टीम को जीत दिलाने की कोशिश तो की, लेकिन मुनरो की शतकीय पारी से बना विशाल स्कोर उनकी पहुंच से बाहर ही रहा।
भारत की शुरुआत खराब रही। उसने 11 के स्कोर पर ही शिखर धवन (1) और रोहित शर्मा (5) के विकेट खो दिए। पिछले मैच में रिकार्ड साझेदारी करने वाली जोड़ी बाउल्ट का शिकार होकर पवेलियन लौटी। छह के कुल स्कोर पर बाउल्ट ने धवन को बोल्ड किया और फिर पांच रन बाद रोहित को विकेट के पीछे ग्लेन फिलिप्स के हाथों कैच कराया।
अपना दूसरा मैच खेल रहे श्रेयस अय्यर ने 21 गेंदों में चार चौकों की मदद से 23 रनों की पारी खेली और कप्तान कोहली के साथ मिलकर टीम को संभालते हुए स्कोर 65 तक ले गए। लेकिन इसी स्कोर पर बल्ले से कमाल दिखाने वाले मुनरो ने अय्यर को अपनी ही गेंद पर लपक लिया। हार्दिक पांड्या (2) एक बार फिर विफल रहे और ईश सोढ़ी की गुगली पर गच्चा खाकर बोल्ड हो गए।
यहां से संकटमोचक धोनी (49) और कोहली ने टीम की जीत दिलाने की जिम्मेदारी उठाई। कप्तान और पूर्व कप्तान की जोड़ी लगातार रन बटोर रही थी। दोनों बड़े शॉट्स लगाने के अलावा विकेट के बीच अच्छी दौड़ से भी किवी फील्डरों के हाथ से रन चुरा रहे थे लेकिन मिशेल सैंटनर की गेंद कोहली के बल्ले का बाहरी किनारा लेकर विकेटकीपर फिलिप्स के दस्तानों में जा समाई और कोहली पवेलियन लौट लिए। यहां से किवी टीम की जीत लगभग तय हो गई थी।
धोनी ने हालांकि कोशिश तो की, लेकिन वह अकेले रनों और गेंदों के बीच के अंतर को पाट नहीं सके। आखिरी ओवर में बाउल्ट की गेंद पर सैंटनर ने उनका कैच लपका। उन्होंने 37 गेंदों की पारी में दो चौके और तीन छक्के लगाए। इससे पहले भारतीय गेंदबाज इस मैच में मुनरो की मार से नहीं बच सके। मुनरो ने अपनी पारी में 58 गेंदें खेली और सात चौके तथा इतने ही छक्के लगाए। यह उनका टी-20 में दूसरा शतक है। इस प्रारूप में उनका पहला शतक भी इसी साल आया था। वह टी-20 में दो शतक लगाने वाले चौथे बल्लेबाज हैं।
उन्होंने 41 गेंदों की पारी में तीन चौके और तीन छक्के मारने वाले गुप्टिल के साथ पहले विकेट के लिए 105 रन जोड़कर किवी टीम के मजबूत स्कोर की नींव रखी। इसी साझेदारी के दम पर मेहमान टीम पूरे ओवर खेलने के बाद दो विकेट के नुकसान पर 196 रन बनाने में सफल रही। मुनरो और गुप्टिल की जोड़ी ने भारतीय गेंदबाजों पर शुरू से ही आक्रमण किया। इस सीरीज में यह पहली बार है कि किवी टीम की सलामी जोड़ी 50 के आंकड़े को छू सकी।
तेजी से रन बना रही इस जोड़ी पर भारतीय गेंदबाज अंकुश नहीं लगा पा रहे थे और रन लुटाए जा रहे थे। इसी बीच 11वें ओवर की आखिरी गेंद पर अय्यर ने अक्षर पटेल की गेंद पर सीमा रेखा के पास मुनरो का कैच छोड़ा। हालांकि अगले ही ओवर में चहल ने गुप्टिल को हार्दिक पांड्या के हाथों कैच करा इस साझेदारी को तोड़ा। कप्तान केन विलियमसन (12) को सिराज ने आउट कर अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय विकेट लिया।
दो विकेट जल्दी गिर जाने के बाद भी मुनरो नहीं रुके और लगातार रन बनाते रहे। उन्होंने 19वें ओवर लेकर आए भुवनेश्वर की तीसरी गेंद पर दो रन लेकर अपना शतक पूरा किया। अंत में मुनरो के साथ नाबाद लौटने वाले टॉम ब्रूस ने 12 गेंदों में दो चौके लगाते हुए 18 रनों का योगदान दिया। भारत की तरफ से चहल और सिराज ने एक-एक विकेट लिए।