बिहार में पद्मावती फिल्म पर रोक की मांग

संजय कुमार सिंह
मुजफ्फरपुर। युवा जदयू प्रदेश महासचिव व मीडिया प्रभारी चंदन कुमार भास्कर ने पत्रकार वार्ता में कहा की पद्मावती फिल्म में भारतीय इतिहास के साथ छेड़छाड़ किया गया है। बिहार के सभी युवाओं को इस फिल्म का वहिष्कार करना चाहिए। भारतीय इतिहास में चित्तौड़ के राजा राणा रत्न सिंह और अलाउद्दीन खिलजी के बीच लड़ाई का जीक्र है। इस युद्ध में राणा अपने सैनिकों सहित वीरगति को प्राप्त हुए तथा महरानी पद्मावती के नेतृत्व में महल में सभी महिलाओं ने जौहर कर लिया। तत्कालीन इतिहासकार अमीर खुशरो, सुल्तान के साथ चित्तौड़ गया था। उन्होंने लिखा है यह घटना (1296-1316) के बिच की है।
दूसरी ओर मलीक मोहम्मद जायसी कृत पदमावत पुस्तक का सवाल जो शेरशाह (1540-1545) समय लिखा गया है जो मूल घटना के 240 साल बाद का है जिसका इतिहास में कोई प्रमाण नहीं है यह पुस्तक कहानी, उपन्यास की तरह है जो तथ्यों के आघार पर महारानी पद्मावती एंव सुल्तान के मुलाकात का कोई आघार नहीं है। बावजूद इसके भारतीय फिल्मकार संजय लीला भंसाली ने भारतीय इतिहास के साथ छेड़छाड़ किया है। जो, कही से उचित नहीं है। बिहार के सिनेमाघरों में इस फिल्म पर रोक लगाने की मांग महामहिम राज्यपाल व मुख्यमंत्री से की है।