नाटकीय घटनाक्रम का गबाह बना मीनापुर पुलिस इंस्पेक्टर कार्यालय

निगरानी टीम को धक्का देकर भागा मुंशी

कौशलेन्द्र झा
मुजफ्फरपुर। मीनापुर पुलिस इंस्पेक्टर कार्यालय गुरुवार को नाटकीय घटनाक्रम का गवाह बन गया। निगरानी टीम ने इंस्पेक्टर डॉ. रमेश दत्त पांडेय व चौकीदार अजय को घूस लेते रंगेहाथ दबोच लिया। इससे पहले निगरानी टीम ने मुंशी को ही इंस्पेक्टर समझकर पकड़ने का प्रयास किया। टीम के अनुसार, मुंशी फिरोज खान को पकड़ने का प्रयास किया गया तो वह अधिकारियों को धक्का देकर भागने में सफल रहा। निगरानी टीम ने मुंशी को करीब 500 मीटर तक खदेड़ा, लेकिन वह हाथ नहीं आया।

इस बीच कार्यालय में बैठे इंस्पेक्टर व चौकीदार जब तक माजरा को समझ पाए, उससे पहले ही निगरानी के हथ्थे चढ़ गये। फिलहाल यह घटना मीनापुर में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग कहते सुने जा रहे है कि इंस्पेक्टर कार्यालय में कई ऐसे लोग दिन भर बैठे रहते हैं जिनका इससे कोई संबंध नहीं है और वही लोग दलाली का काम करते है। बताया यह भी जा रहा था कि कुछ राजनीतिक पहुंच रखने वाले लोगों की भी नजर पहले से इंस्पेक्टर डॉ. रमेश दत्त पांडेय पर थी।

मीनापुर में थम नही रहा है घूस लेने का मामला

मीनापुर में घूस लेते निगरानी के हथ्थे चढ़ने का यह पहला मामला नही है। इससे पहले निगरानी टीम ने मीनापुर थाना के दारोगा कृष्णा सिंह को 9 जून 2017 को रंगेहाथ पकड़ा था। दारोगा कृष्णा सिंह मेथनापुर के प्रमोद सहनी से 10 हजार रुपये घूस ले रहे थे। वहीं, दूसरी गिरफ्तारी 23 दिसंबर 2017 को हुई। टीम ने पांच हजार रुपये घूस लेते हुए सिवाईपट्टी थाना के एएसआई सुनील दत्त को दबोचा था। इस घटना में निगरानी की टीम ने हरहियां गांव के चितरंजन सिंह को भी हिरासत में लिया था, जिसे बाद में छोड़ दिया गया। चितरंजन पर पुलिस के लिए दलाली करने का आरोप लगा था।

घूस लेते दबोचा गया था राजस्व कर्मचारी

बात सिर्फ पुलिस पदाधिकारी की नही है। घूस लेने में राजस्व कर्मचारी भी किसी से पीछे नही है। दो साल पहले मीनापुर हलका संख्या 6 का राजस्व कर्मवारी मो. अब्बास घूस लेते हुए रंगेहाथो निगरानी टीम के हत्थे चढ़ा था। पटना से आई टीम ने घूस के पांच हजार रुपये सहित मो. अब्बास को गिरफ्तार किया था। बावजूद इसके यहां घूस लेने का सिलसिला बदस्तुर जारी है।

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